Last Updated: November 1, 2026

Dainik Savera Times Logo

बद्दी में पोते की बारात से पहले उठी दादा की अर्थी

February 10, 2026

बद्दी में पोते की बारात से पहले उठी दादा की अर्थी

बद्दी: शहनाइयों की गूंज और शादी के गीतों की तैयारी थी, वहां अब केवल सिसकियों से सन्नाटा पसर गया। पिछले बुजगों से सुना है कि..कहते हैं कि मनुष्य योजनाएं बनाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उस विधाता का होता है जिसके आगे किसी का जोर नहीं चलता। ऐसा ही एक हादसा बददी के वार्ड नंबर दो में विधाता के इसी कठोर विधान ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में राख कर दिया।

जहां शहनाइयों की गूंज और शादी के गीतों की तैयारी थी, वहां अब केवल सिसकियां और सन्नाटा शेष है। बददी नीलम कुमार (नीलू) के घर में महीनों से उनके पुत्र सागर के विवाह की तैयारियां चल रही थीं। जिला ऊना के लिए मंगलवार को बारात प्रस्थान करने वाली थी। घर फूलों और रोशनी से जगमगा रहा था,मेहमानों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी और पूरा मोहल्ला इस जश्न में शामिल होने को उत्साहित था। लेकिन रविवार की काली रात ने सब कुछ बदल दिया।

नीलम कुमार के 82 वर्षीय पिता, मदन लाल, की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद परिजन बिना समय गंवाए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ की ओर लेकर भागे। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल की दहलीज तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें ब्रेन हेमरेज की शिकायत भी थी।

स्वर्गीय मदन लाल शहर के एक सम्मानित व्यक्ति थे जो अपनी दुकान के माध्यम से वषों से लोगों से जुड़े रहे। अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियां और पांच पोते-पोतियों का भरा-पूरा परिवार छोड़कर गए मदन लाल की कमी पूरे बददी शहर को खल रही है। उनके मिलनसार स्वभाव के कारण आज न केवल उनका घर, बल्कि पूरा नगर निगम क्षेत्र शोक संतप्त है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें