
हमीरपुर : भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने शनिवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देश में दंगे और अराजकता फैलाकर लोकतंत्र, संविधान, संसद और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता बार-बार कांग्रेस को नकार चुकी है, लेकिन राहुल गांधी किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। अनुराग ने मतदाता सूचियों के एसआईआर का विरोध करने पर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता समझती है कि एसआईआर के विरोध के नाम पर कांग्रेस कौन सा खेल खेल रही है। उनके अनुसार एसआईआर तो बहाना है, जबकि कांग्रेस बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां पहाड़ी क्षेत्रों में भी घुसपैठियों को बसाने का रास्ता खोल सकती हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1989 में भाजपा दो सीटों से बढ़कर 86 सीटों पर पहुंची तो राजीव गांधी ने बैलेट के स्थान पर ईवीएम से चुनाव कराने की मांग की थी, जबकि वर्ष 2014 के बाद राहुल गांधी ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलेट से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया कांग्रेस शासनकाल में भी वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 1983-84, 1987-89, 1992-93 और 1995 में अपनाई गई थी। अंतिम एसआईआर वर्ष 2002-03 में शुरू हुआ था और 2004 में पूरा हुआ, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। ऐसे में अब 22 वर्षों बाद इस प्रक्रिया पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों हो रही है? सांसद ने विपक्ष के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने दावा किया कि इनमें 2.8 करोड़ मृत मतदाता, तीन करोड़ ऐसे लोग हैं जिनका पता नहीं चल पाया, 6.3 करोड़ स्थान बदल चुके मतदाता और एक करोड़ डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम प्रक्रिया में प्रभावित हुए हैं, वे उचित दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखने की मांग क्यों की जा रही है? अनुराग ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।