Urges Public to Protect Clean Water Sources : मंडी। 20 सितंबर को विश्व स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में अब मंडी क्षेत्र में भी विश्व स्वच्छता दिवस के मौके पर प्रशासन की ओर से काम किया जा रहा है। ऐसे में सहायक निदेशक (मत्स्य) नीतू सिंह ने 20 सितम्बर को विश्व स्वच्छता.
कुल्लू। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अक्टूबर माह में प्रस्तावित अटल टनल रोहतांग दौरे को लेकर शनिवार को बहुउद्देश्यीय भवन कुल्लू के सभागार में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने की। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ डीजीआरई मनाली, सीमा सड़क संगठन तथा.
मनाली: भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के मरु क्षेत्रीय केंद्र (DRC), जोधपुर, राजस्थान ने जवाहरलाल नेहरू गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (JLNGC), हरीपुर, मनाली के प्राणी विज्ञान और वनस्पति विज्ञान विभागों के सहयोग से हिमालयी जंगली परागणकर्ताओं (विशेष रूप से भौंरों/बम्बलबी पर विशेष जोर देते हुए) के संरक्षण पर एक फील्ड वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला में.
Karsog Cleanliness Drive Collects 210 Kg Waste : कुल्लू। ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के अंतर्गत नगर पंचायत करसोग के वार्ड नम्बर 7 में नगर पंचायत की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में अपना पुस्तकालय में पढ़ने आने वाले छात्रों ने योगदान दिया। अभियान के दौरान सामूहिक रूप से विभिन्न स्थानों की.
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों की समस्याओं को लेकर शनिवार को मधुमक्खी पालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में सामने आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया।.
सरकाघाट। उपमंडल सरकाघाट में नंबरदारों की विभिन्न मांगों एवं समस्याओं के समाधान तथा उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर एसडीएम सरकाघाट राजेंद्र कुमार गौतम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसीलदार सरकाघाट मनीष कुमार, नायब तहसीलदार भदरोता, ढलवाण व बलद्वाड़ा सहित हिमाचल प्रदेश नंबरदार जन कल्याण संघ के अध्यक्ष भीम.
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन्यप्राणी प्रभाग, वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेषज्ञ संस्थान द्वारा त्वरित मूल्यांकन किया जाएगा। इसके तहत मानव-भालू और मानव-तेंदुआ संघर्ष की अधिक घटनाओं वाले 10 वन मंडलों को प्रारंभिक अध्ययन के लिए चयनित किया गया है। अध्ययन के बाद संबंधित क्षेत्रों की.