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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने व्यभिचार को अपराध मानने वाले ‘लिंग-तटस्थ‘ (जेंडर न्यूट्रल) प्रावधान और गैर-सहमति वाले समलैंगिक यौन संबंधों को अलग से अपराध मानने की धारा को शामिल करने की संसदीय पैनल की सिफारिश को शामिल नहीं किया है।इस बीच, संशोधित भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता विधेयक, 2023 में वैवाहिक संबंधों में महिलाओं के खिलाफ.