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नई दिल्लीः गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के नौ साल पूरे होने के मौके पर आए एक नए सव्रेक्षण के अनुसार ज्यादातर भारतीयों को लगता है कि सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और वे सार्वजनिक शौचालय की जगह व्यावसायिक सुविधा का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। सामुदायिक.