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नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक तलाक याचिका से जुड़े मामले में फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें नाबालिग बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच बच्चे को अवैध या ‘नाजायज’ साबित करने के लिए नहीं है, बल्कि पत्नी.