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सुंदरनगर: कुछ अलग करने का जज्बा, मेहनत और सही दिशा मिले तो स्वरोजगार सफलता की मजबूत राह बन सकता है। सुंदरनगर के पुराना बाजार निवासी अंकित कुमार पुत्र नानकचंद की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है। बारहवीं तक पढ़ाई करने वाले अंकित ने नौकरी की तलाश करने के बजाय मशरूम उत्पादन को आजीविका का माध्यम बनाया.