कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है, जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ग्राम पंचायत की ज़मीन पर कब्ज़ा करने के मामले में उनकी याचिका खारिज कर दी।
पंजाब की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि कांग्रेस पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके कई प्रमुख नेता आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए।
आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब में जिला हेडक्वार्टर पर भाजपा दफ्तरों का घेराव किया और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को लेकर नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पंजाब की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने पूरे पंजाब में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।