Last Updated: November 7, 2026

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पंचांग और शुभ मुहूर्त 2 मार्च 2023

पंचांग और शुभ मुहूर्त 1 मार्च 2023

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2023 संवत्सर नाम-राक्षस अयन-उत्तरायण मास-फाल्गुन पक्ष-शुक्ल ऋतु-वसन्त वार-बुधवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-दशमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-मृगशिरा योग (सूर्योदयकालीन)-प्रीति करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल लग्न (सूर्योदयकालीन)-कुम्भ शुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तक राहुकाल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तक दिशा शूल-ईशान योगिनी वास-उत्तर गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र स्थिति-मिथुन व्रत/मुहूर्त-सर्वार्थसिद्धि योग यात्रा.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 1 मार्च 2023

धनासरी महला १ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ गुरु सागरु रतनी भरपूरे ॥ अम्रितु संत चुगहि नही दूरे ॥ हरि रसु चोग चुगहि प्रभ भावै ॥ सरवर महि हंसु प्रानपति पावै ॥१॥ किआ बगु बपुड़ा छपड़ी नाइ ॥ कीचड़ि डूबै मैलु न जाइ ॥१॥ रहाउ ॥ रखि रखि चरन धरे वीचारी ॥ दुबिधा.

आज सोमवार के दिन अवश्य करें इन मंत्रो का जप, बनी रहेगी भगवान शिव जी की कृपा

सोमवार का दिन भगवान शिव जी को अर्पित किया जाता है। भगवान शिव जी को बहुत सारे नामों के साथ सम्बोधित किया जाता है। भगवान शिव जी को भोले नाम से भी सम्बोधित किया जाता है माना जाता है की भगवान शिव जी बहुत ही भोले स्वाभाव के है और उन्हें प्रस्सन करना बहुत ही.

जानिए अपना 27 फरवरी से 05 मार्च तक का साप्ताहिक राशिफल

मेष: इस सप्ताह चल रही समस्याओं का समाधान प्राप्त हो सकता है। प्रेम-संबंधों से जुड़े पहलुओं में आपको सफलता प्राप्त हो सकती है। व्यापारी वर्ग के जातकों को अपने व्यापार से अच्छी मात्रा में लाभ की प्राप्ति हो सकती है। यात्राओं की अधिकता बनी रह सकती है। स्वास्थ्य को लेकर छोटी-मोटी तकलीफ बनी रह सकती.

जानिए अब है आमलकी एकादशी व्रत और व्रत कथा के बारे में

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आने वाली एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं। इसे आंवला एकादशी भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा जी को उत्पन्न किया, उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को उत्पन्न किया। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने आंवले.

सनातन संस्कृति का चिरन्तन सत्य है ब्रज भूमि, जानिए इससे जुड़ी कुछ खास बातें

भ्रज भूमि केवल तीर्थ क्षेत्र का ही नाम नहीं है बल्कि संस्कृति की चिरन्तरता का ठोस सत्य है। हजारों सालों का इतिहास अपने अंक में समेटे ब्रज भूमि भारत की गहरी धार्मिक जड़ों का वट वृक्ष है जिसकी कई शाखाएं-प्रशाखाएं फैली हैं। भौगोलिक दृष्टि से मानचित्र धरातल पर ब्रज नाम का कोई क्षेत्र नहीं है.

अंक राशिफल: आप व्यापार में रिस्क लेंगे, जो आगे चलकर सही साबित होगा, जानिए अपना आज का अंक राशिफल

अंक – 1 आर्थिक प्रगति घट सकती है। खर्च की अधिकता रहेगी। आप व्यापार में रिस्क लेंगे, जो आगे चलकर सही साबित होगा। छात्र-छात्राओं को इंटरव्यू के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। अंक – 2 संपत्ति में निवेश और आर्थिक स्थिति आपके पक्ष में रहेगी। कुछ लोग नये अनुसंधान, अन्वेषण में व्यस्त रहेंगे।.

पंचांग और शुभ मुहूर्त 27 फरवरी 2023

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2023 संवत्सर नाम-राक्षस अयन-उत्तरायण मास-फाल्गुन पक्ष-शुक्ल ऋतु-वसन्त वार-सोमवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-अष्टमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-रोहिणी योग (सूर्योदयकालीन)-वैधृति करण (सूर्योदयकालीन)-वणिज लग्न (सूर्योदयकालीन)-कुम्भ शुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तक राहुकाल-प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक दिशा शूल-आग्नेय योगिनी वास-ईशान गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र.

हुक्मनामा श्री हरिमंदिर साहिब जी 27 फरवरी 2023

गूजरी श्री रविदास जी के पदे घरु ३ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ दूधु त बछरै थनहु बिटारिओ ॥ फूलु भवरि जलु मीनि बिगारिओ ॥१॥ माई गोबिंद पूजा कहा लै चरावउ ॥ अवरु न फूलु अनूपु न पावउ ॥१॥ रहाउ ॥ मैलागर बेर्हे है भुइअंगा ॥ बिखु अम्रितु बसहि इक संगा ॥२॥ धूप दीप नईबेदहि बासा.

जानिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले दही-चीनी खाना क्यों माना जाता है शुभ

जब भी हम कोई शुभ काम या नया काम शुरू करने जाते हैं तो ऐसे में घऱ के बड़े-बुजुर्ग दही-चीनी खिलाकर भेजते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से हमाारा कार्य शुभ और मंगलमय होता है। भारतीय लोग इस रिवाज को काफी मनाते हैं, वे कोइ भी शुभ कार्य दही-चीनी को बिना खाएं शुरू.

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