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तीन मुट्ठी तंदुल? यह भला कैसा उपहार हुआ सुशीला? माना कि हम दरिद्र हैं पर वे तो नरेश हैं न… नरेश के लिए भला तन्दुल कौन ले जाता है? द्वारिका जाने को तैयार सुदामा ने चावल की पोटली बांधती पत्नी से कहा। उपहार का संबंध प्राप्तकर्त्ता की दशा से अधिक दाता की भावनाओं से होता.