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नई दिल्ली: देश की एयरलाइन कंपनियां अपने बेड़े का विस्तार करने की तैयारी में लगी हैं। ऐसे में पूर्व नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने सुझाव दिया है कि भरतीय एयरलाइन कंपनियों को देश के भीतर ही रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) के लिए एक साझा सेवा सुविधा स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने.