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नई दिल्लीः पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता टी एस ढिल्लों का मानना है कि ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले निशानेबाजों को अगले टूर्नामेंट से बाहर रखने की भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की नीति से निशानेबाजों का मनोबल गिरता है क्योंकि प्रतिस्पर्धा के अभाव में वे बड़े टूर्नामेंटों का दबाव नहीं झेल पाते। देश के लिए अधिकतम.