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240 फीट रावण के दहन पर लगी रोक, रामलीला समिति ने CM योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार

September 30, 2025

240 फीट रावण के दहन पर लगी रोक, रामलीला समिति ने CM योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार

240 foot Ravan : दशहरे से पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने 240 फुट ऊंचे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन पर रोक लगा दी है। यह निर्णय अयोध्या के रामकथा पार्क में आयोजित होने वाले एक भव्य रावण दहन कार्यक्रम को लेकर लिया गया, जिससे आयोजकों और श्रद्धालुओं के बीच मायूसी फैल गई है।

एक महीने की मेहनत पर पानी फिरा
फिल्म कलाकार रामलीला समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए बीते एक महीने से मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों से आए कारीगरों ने इन विशालकाय पुतलों का निर्माण किया था। रावण का पुतला 240 फीट ऊंचा था, जो देश में अब तक का सबसे ऊंचा रावण माना जा रहा था। लेकिन कार्यक्रम से ठीक तीन दिन पहले पुलिस द्वारा इस आयोजन पर रोक लगा दी गई।

अनुमति न होने पर की गई कार्रवाई: पुलिस
अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने किसी प्रकार की पूर्व अनुमति नहीं ली थी। सुरक्षा मानकों के तहत इतनी ऊंचाई वाले पुतलों के दहन को लेकर जोखिम था। गश्त के दौरान जब पुलिस को इस निर्माण कार्य की जानकारी मिली, तब रोक लगाने की कार्रवाई की गई।

रामलीला समिति में नाराज़गी
फिल्म कलाकार रामलीला समिति के अध्यक्ष सुभाष मलिक (बॉबी) ने इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “तीनों पुतलों के निर्माण में लाखों रुपये और सैकड़ों घंटे खर्च हुए हैं। दहन न होने से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बाधित होती है। रावण का दहन न होना अशुभ माना जाता है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मुद्दे में हस्तक्षेप करें और अयोध्या में कहीं और इन पुतलों का दहन करने की अनुमति दें। सुभाष मलिक ने कहा, “मैं भाजपा का एक छोटा कार्यकर्ता हूं और पिछले सात वर्षों से अयोध्या में भव्य रामलीला आयोजित कर रहा हूं। यह सिर्फ आयोजन नहीं, श्रद्धा का विषय है।”

क्या कहता है प्रशासन?
प्रशासन का कहना है कि इतने ऊंचे पुतलों के दहन से भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और आस-पास के क्षेत्रों में आग लगने जैसी गंभीर चिंताएं जुड़ी होती हैं। रामकथा पार्क जैसे सार्वजनिक स्थल पर इतने बड़े आयोजन के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, जो इस मामले में अनुपस्थित थी।

क्या अब होगा रावण दहन?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि रावण और अन्य पुतलों का दहन अयोध्या में होगा या नहीं। रामलीला समिति प्रशासन से दोबारा अनुमति की मांग कर रही है और वैकल्पिक स्थान की तलाश भी की जा रही है। अगर सरकार और प्रशासन हस्तक्षेप करते हैं, तो संभव है कि किसी खुले और सुरक्षित स्थान पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।

 

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