लखनऊः उत्तर प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग ने अभियान चला कर 26.68 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की है और इस सिलसिले में 29 हजार 701 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी ने मंगलवार को बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में अवैध शराब के सेवन से एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। आबकारी, पुलिस और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से विशेष अवसरों और त्यौहारों के अवसर पर सात विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए गए। विशेष प्रवर्तन अभियानों के अंतर्गत दो लाख 10 हजार 465 छापे मारे गए और 27 हजार 491 मुकदमे दर्ज करते हुए 7.52 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई।
अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त नौ हजार 380 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के साथ-साथ अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमें रजिस्टर किए गए। वर्ष 2022-23 में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध सात लाख 63 हजार 278 छापे मारे गए तथा 91 हजार 100 मुकदमे दर्ज करते हुए 26.68 लाख लीटर अवैध शराब की बरामदगी की गई। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त 29,701 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के साथ-साथ अन्य धाराओं में मुकदमें रजिस्टर किए गए तथा अवैध मदिरा के परिवहन में प्रयुक्त होते वाले 692 वाहन जब्त किए गए।
आबकारी आयुक्त के अनुसार अवैध शराब के निर्माण को रोकने के लिए ग्राम स्तर पर चौकीदारों, लेखपालों तथा लाइसेंसीज के साथ लगातार बैठकें आयोजित कर अवैध शराब की बिक्री के अड्डों की सूचना प्राप्त करते हुए कार्यवाही की गई। आबकारी दुकानों के आकस्मिक निरीक्षण तथा ओवर रेटिंग की रोकथाम के लिए लगातार टेस्ट परचेजिंग कराई गई तथा किसी प्रकार की गंभीर अनियमितताओं के मामलों में लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की गई।
उन्होंने बताया कि शराब की डिस्टलरीज, थोक परमीशन एवं फुटकर दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रावधान किया गया है। डिस्टलरी में संभावित चोरी की रोकथाम के लिए शीरा एवं अल्कोहल को ले जाने वाले वाहनों में डिजी लॉक का उपयोग करके डिजिटल रुप से लॉक किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को मानक मंदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिस्टलरीज और फील्ड अधिकारियों को डिजिटल अल्कोहलोमीटर उपलब्ध कराए गए हैं।
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