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विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर हो रहा आकांक्षात्मक जनपद बलरामपुर

बलरामपुर। यूपी के आकांक्षात्मक जनपद में शामिल बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब विकास के पथ पर दौड़ रहा है। ‘सबका साथ-सबका विकास’ की धारणा के साथ मुख्यमंत्री ने इस जनपद को भी विकसित करने की कमान संभाली है। इसी के तहत जनपद में विकास की तीन बड़ी परियोजनाओं को गति मिली है।

देवीपाटन धाम कॉरिडोर के तहत भूमि खरीद के लिए पहली किस्त जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल मां पाटेश्वरी देवीपाटन धाम कॉरिडोर का निर्माण होगा। मां पाटेश्वरी देवीपाटन धाम कॉरिडोर निर्माण से मां पाटेश्वरी धाम की भव्यता बढ़ेगी, साथ ही श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पर्यटन विकास के तहत कॉरिडोर निर्माण के लिए भूमि क्रय के लिए प्रथम किस्त के रूप में 5 करोड रुपए की धनराशि प्रदान कर दी गई है। गौरतलब है कि मां पाटेश्वरी देवीपाटन धाम के समीप पर्यटन विकास कार्य हेतु कुल 119 गाटाधारकों से भूमि खरीदी जानी है। इसमें कुल 26.48 करोड़ से अधिक (26,48,34,369) रुपये खर्च करके भूमि क्रय किया जाना है। इसकी पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। एसडीएम तुलसीपुर के मुताबिक सभी गाटाधारकों से वार्ता करते हुए सहमति से बैनामा किए जाने की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है, शीघ्र ही भूमि खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

यातायात सुविधा पर भी पूरा जोर
मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को यातायात सुविधा के लिए कलश चौराहा एवं हरैया चौराहा के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर दो लेन आरओबी के निर्माण को मंजूरी मिली है। इसके लिए अनुमोदित 9969.51 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3489.33 लाख रुपये कार्यदायी संस्था (सेतु निगम बाराबंकी) को अवमुक्त कर दिया गया है। रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण से मां पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को जाम आदि से निजात मिलेगी ।

51.33 करोड़ से मंदिर के मुख्य मार्ग से चीनी मिल तक सड़क होगी चौड़ी
तीसरी बड़ी परियोजना के तहत मां पाटेश्वरी देवी मंदिर मुख्य मार्ग से बलरामपुर चीनी मिल तक कुल लंबाई 5.225 कि०मी० है। इस मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी होना है। इसके लिए 51 करोड़ 33 लाख 50 हजार की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति शासन ने प्रदान की है। इसके तहत प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 52 लाख 22 हजार की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है।

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