
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष एवं भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने सोमवार को मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान राज्य के लिए रिमोट सेसिंग तकनीकों के माध्यम से विकास की नई संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान इसरो अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को रिमोट सेसिंग क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौसम पूर्वानुमान, वन और हरित क्षेत्र की निगरानी, भूजल प्रोफाइल, मानचित्रण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर पहले से ही व्यापक कार्य हो चुका है।
Had a courtesy meeting with Dr. V. Narayanan, Secretary, Department of Space, Chairman, Space Commission and Chairman, @isro.
Wished him and his team continued success in their efforts to take India’s space capabilities to greater heights. pic.twitter.com/ejXBydgDQ9
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 7, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में आकाशीय बिजली से हो रही जनहानि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश के लिए पृथक उपग्रह विकसित किया जाए, जो विशेष रूप से आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी देने में सक्षम हो। योगी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बिजली गिरने की घटनाओं में औसतन 300 लोगों की मृत्यु हुई है।
ऐसे में प्रदेश में आपदा जनित जनहानि को रोकने में यह अत्याधुनिक तकनीक प्रभावी सिद्ध हो सकती है। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर इसरो अध्यक्ष डॉ. नारायणन ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय पर गंभीरता से विचार करेंगे और शीघ्र ही इसका ठोस समाधान निकालने की दिशा में कार्य करेंगे।