यूपी डेस्कः मथुरा के हाईवे थाना इलाके के महोली गांव में 84 कोस यात्रा के दौरान बड़ा बवाल हो गया। यहां परिक्रमार्थियों को भंडारा और सेवा देने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से मारपीट, पत्थरबाजी और फायरिंग शुरू हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
छह महीने पुराना था विवाद
जानकारी के मुताबिक गांव महोली निवासी पार्षद प्रतिनिधि राजवीर सिंह और गांव के ही चंद्रपाल के बीच करीब छह महीने पहले किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय गांव के लोगों और बुजुर्गों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। लेकिन दोनों परिवारों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।
बुधवार को फिर हुआ झगड़ा
बताया जा रहा है कि बुधवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे। गांव की गलियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। बाद में स्थानीय लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
परिक्रमार्थियों की सेवा के दौरान बढ़ा विवाद
गुरुवार को अधिक मास की 84 कोस परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए चंद्रपाल और उसके समर्थकों ने प्याऊ और भंडारे की व्यवस्था की हुई थी। इसी दौरान पार्षद प्रतिनिधि राजवीर सिंह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और वे भी श्रद्धालुओं को केले और अन्य सामान बांटने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद हिंसक रूप ले बैठा और दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई।
फायरिंग से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से फायरिंग भी हुई। गोली चलने से इलाके में दहशत फैल गई। कई लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है, हालांकि अभी तक पुलिस की तरफ से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात को काबू में किया। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फायरिंग करने वालों की पहचान की जा रही है।
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