Site icon Dainik Savera Times

लखनऊ में लगे विवादित पोस्टर, मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ निर्माण के विरोध में ‘कूच’ का ऐलान

Murshidabad Babri Masjid

Murshidabad Babri Masjid

Murshidabad Babri Masjid: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित एक मस्जिद के निर्माण को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को कई प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगाए गए, जिनमें मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाई जा रही नई मस्जिद के निर्माण का विरोध किया गया है। इन पोस्टरों के जरिए 10 फरवरी को “मुर्शिदाबाद कूच” का आह्वान किया गया है।

ये पोस्टर विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से लगाए गए बताए जा रहे हैं। पोस्टरों में पश्चिम बंगाल के नेता हुमायूं कबीर को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। संगठन ने अपने संदेश में मुर्शिदाबाद जाकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

 

ये भी पढ़ें- सेना प्रमुख ने की आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा

 

नेताओं की तस्वीरों के साथ लगाए गए पोस्टर
पोस्टरों में हुमायूं कबीर को मुगल आक्रांता के रूप में चित्रित किया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर भी शामिल है। ये पोस्टर लखनऊ के 1090 चौराहा, अंबेडकर चौराहा, हजरतगंज समेत शहर के कई इलाकों में नजर आए। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय की ओर से लोगों से 10 फरवरी को मुर्शिदाबाद पहुंचने की अपील की गई है।

पोस्टरों में धार्मिक और राजनीतिक नारों के साथ यह दावा किया गया है कि मुर्शिदाबाद में बनने वाली नई मस्जिद को लेकर “आर-पार” की लड़ाई होगी। इस तरह की भाषा को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।

ये भी पढ़ें- बाइक और मेट्रो से भी सस्ती है Tata Tiago EV, कंपनी दे रही लाखों का डिस्काउंट

 

क्या है पूरा मामला
दरअसल, पश्चिम बंगाल के पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में एक बड़े धार्मिक और शैक्षणिक परिसर के निर्माण की घोषणा की थी। उनके अनुसार, इस परिसर में मस्जिद के साथ-साथ इस्लामिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान भी शामिल होंगे। इस परियोजना की आधारशिला 6 दिसंबर 2025 को रखी जा चुकी है और निर्माण कार्य 11 फरवरी से शुरू होने वाला है।

प्रशासन अलर्ट मोड में
11 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम को देखते हुए मुर्शिदाबाद में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा घोषित मुर्शिदाबाद कूच ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

 

Exit mobile version