
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चार टाइम बमों की बरामदगी और यूपी एसटीएफ द्वारा 25 वर्षीय जावेद और 60 वर्षीय इमराना की गिरफ्तारी से संबंधित मामले की जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया,‘‘एनआईए की एक टीम सोमवार शाम को दोनों संदिग्धों के घर पहुंची और स्थानीय पुलिस से जानकारी एकत्र की। टीम ने एक घंटे तक जांच की। एनआईए के अलावा स्थानीय पुलिस और कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। गिरफ्तारी के बाद इमराना और जावेद के खिलाफ आईपीसी की धारा 286 (विस्फोटक पदार्थ के लिए लापरवाहीपूर्ण आचरण) और विस्फोटक अधिनियम की धारा 4/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जावेद को पिछले हफ्ते मुजफ्फरनगर में काली नदी के पास से गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ के अधिकारियों ने उसके कब्जे से घर में बने चार टाइमबम जब्त किए।
पूछताछ के दौरान, जावेद ने कहा था कि उसने यूटय़ूब वीडियो देखने के बाद टाइमर के साथ बोतल बमों को इकट्ठा किया था। बाद में पाया गया कि बम इमराना द्वारा मंगवाए गए थे। सूत्रों ने बताया कि इमराना 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में पीड़िता थी और उसका घर कथित तौर पर जला दिया गया था। उसने प्रारंभिक पूछताछ के दौरान कहा कि उसने बमों का ऑर्डर इसलिए दिया था क्योंकि वह भविष्य में किसी भी सांप्रदायिक परेशानी की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखना चाहती थी। लेकिन, सुरक्षा एजेंसियां उसके बयानों से संतुष्ट नहीं हैं और बम खरीदने के लिए दिए गए पैसे के स्नेत और क्या कोई बड़ी साजिश थी, इसकी जांच करेंगी।
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