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यूपी रोडवेज की बसों में दिखेंगी महिला चालक

October 30, 2023

यूपी रोडवेज की बसों में दिखेंगी महिला चालक

लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार परिवहन निगम की बसों की कमान महिलाओं के हाथ में होगी। शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी अयोध्या में महिलाओं के हाथों में परिवहन निगम की कमान सौंपी थी। अब उन्हें और सशक्त करने के लिए काफी तेजी से कार्य किया जा रहा है। महिलाओं के प्रशिक्षण का पहला बैच आठ मार्च 2021 से शुरू किया था। पहले बैच के उपरांत दूसरे व तीसरे बैच के लिए महिला चालकों को मॉडल ड्राइ¨वग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च इन्स्टीट्यूट कानपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला चालकों को लाइट मोटर व्हीकल ड्राइवर लेवल -3 एवं कामर्शियल व्हीकल ड्राइवर लेवल-4 दोनों कोर्स का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य एसपी सिंह के मुताबिक लाइट मोटर व्हीकल ड्राइवर लेवल-3 कोर्स की प्रशिक्षण अवधि 344 घंटे (तीन माह) की होगी। इसके बाद कौशल विकास मिशन द्वारा निर्धारित सेक्टर स्किल काउंसिल एएसडीसी दिल्ली के माध्यम से एसेसमेंट कराया जाएगा। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का कामर्शियल व्हीकल ड्राइवर लेवल-4 कोर्स का 400 घंटे (चार माह) का प्रशिक्षण होगा। दोनों कोर्स करने के उपरांत डिपो में 17 माह का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण के दौरान 6000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जायेगा।

उन्होने बताया कि यह कोर्स आवासीय है। दोनों कोर्स के दौरान अथ्यर्थियों को छात्रवास में रहना होगा। रहना, खाना आदि नि:शुल्क होगा। 24 माह के प्रशिक्षण के उपरांत ¨पक बस संचालित करने हेतु डिपो में संविदा चालक के रूप में इनकी तैनाती की जाएगी। इसके लिए आवश्यक है कि अभ्यर्थी पूर्व में किसी संस्थान से कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य के मुताबिक पूर्व में एक बैच के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। दूसरे बैच में 27 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अब तक 15 पंजीकरण हो चुके हैं। प्रशिक्षण देने के लिए संस्थान में अभी 12 सीटें और खाली हैं। यहां पहले आने वाली महिलाओं का पंजीकरण किया जाएगा। जनवरी 2024 में इनका प्रशिक्षण पूरा होगा। गौरतलब है कि शारदीय नवरात्रि में मिशन महिला सारथी का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी अयोध्या में महिला चालकों व परिचालकों के हाथों में बसों की बागडोर दी थी। 51 बसों को हरी झंडी दिखाई गई थी। इनमें से 18 महिलाएं चालक व परिचालक के रूप में थीं। आगे भी बसों की कमान महिला चालकों के हाथों में रहे, इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है।

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