क्वालिटी पर खरी नहीं उतरीं 111 दवाएं, इनमें से 70 के सैंपल फेल; कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा स्वास्थ्य मंत्रालय
December 28, 2024
CDSCO: नवंबर में की गई दवाओं की जांच में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। देशभर में चल रहे इस अभियान के दौरान कई दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इनमें से दो दवाएं नकली पाई गईं, जिनके निर्माता का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। इन दवाओं के नमूने बिहार और गाजियाबाद से लिए गए थे।
नकली दवाओं पर कानूनी कार्रवाई शुरू
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नकली दवाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नकली दवाओं को बाजार से तुरंत हटाने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि नकली दवाओं के मामले में 10 साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक का प्रावधान है।
दवाओं की जांच कैसे हुई?
- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने देशभर में दवा दुकानों से नमूने इकट्ठा किए। इन नमूनों की जांच केंद्रीय और राज्य प्रयोगशालाओं में की गई।
- कुल जांच किए गए नमूने: 111
- केंद्रीय प्रयोगशालाओं में जांच: 41 नमूने
- राज्य प्रयोगशालाओं में जांच: 70 नमूने
- जांच में पाया गया कि कई दवाएं जैसे गैस, बुखार और सांस की दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं।
- नकली दवाओं के मामले
- जांच में दो दवाएं नकली पाई गईं। इन दोनों दवाओं को बड़ी कंपनियों के नाम पर नकली तरीके से बनाया गया था।
1. पैन-40 (गैस की दवा)
- नमूना लिया गया: बिहार से
- बैच नंबर: 23443074
- नतीजा: यह दवा नकली पाई गई।
2. ऑगमेंटिन 625 डीयूओ (एंटीबायोटिक दवा)
नमूना लिया गया: गाजियाबाद से
- बैच नंबर: 824डी054
- नतीजा: यह दवा भी नकली पाई गई।
क्यों है यह मामला गंभीर?
- नकली दवाएं न केवल मरीजों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पहुंचा सकती हैं, बल्कि यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़ा करती हैं।
- सजा का प्रावधान: नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
- स्वास्थ्य मंत्रालय का कदम: नकली दवाओं को बाजार से हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे की योजना
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पूरे मामले पर गंभीरता से काम करने की बात कही है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
- जागरूकता अभियान: आम जनता और दवा विक्रेताओं को नकली दवाओं की पहचान करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
- सख्त निगरानी: दवा कंपनियों और उनकी सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।