नई दिल्ली : दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने आज रविवार को राजभवन जाकर LG विनय कुमार सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया। जिसके बाद उपराज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर दिल्ली विधानसभा को भंग कर दिया है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को एक ही चरण में हुआ था, और 8 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए गए। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने 70 सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जो पिछले 27 सालों के बाद भाजपा की दिल्ली में सत्ता में वापसी का संकेत है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) को केवल 22 सीटों पर जीत मिली। इस परिणाम ने पार्टी के लिए एक बड़ा झटका दिया, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने पिछले चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन किया था।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर दो तिहाई बहुमत हासिल किया।
(तस्वीरें – राज निवास) pic.twitter.com/OAzLG1kfZ2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 9, 2025
अरविंद केजरीवाल और आप के बड़े नेताओं की हार
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी अपनी सीट नहीं बचा सके। इसके अलावा, पार्टी के कई बड़े नेता भी अपनी-अपनी सीट हार गए, जिससे पार्टी को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। इस चुनावी नतीजे के बाद, सीएम आतिशी को अपनी हार को स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना पड़ा। रविवार को उन्होंने राजभवन जाकर एलजी वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपा। दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम आम आदमी पार्टी के लिए बहुत निराशाजनक साबित हुआ है। पार्टी के बड़े नेता और मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार आतिशी को इस्तीफा देना पड़ा है। अब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के साथ भाजपा की वापसी हो चुकी है, और आगामी समय में दिल्ली की राजनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
दिल्ली विधानसभा को भंग…
आपको बता दें कि 7 फरवरी 2025 को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सातवीं विधानसभा को भंग कर दिया। इस नोटिफिकेशन में उपराज्यपाल ने कहा कि वह “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 की धारा 6 की उपधारा (2) (बी) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए, 08 फरवरी, 2025 से दिल्ली की सातवीं विधानसभा को भंग कर रहे हैं।” इस गजट नोटिफिकेशन को आज सार्वजनिक किया गया है।
आतिशी का मुख्यमंत्री कार्यकाल केवल 141 दिन का
दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी का कार्यकाल महज 141 दिन रहा। उन्हें पिछले साल 17 सितंबर को मुख्यमंत्री के रूप में नामित किया गया था, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल में थे। आम आदमी पार्टी के विधायकों की बैठक में आतिशी को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया था। 43 साल की आयु में वह दिल्ली की सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल बहुत छोटा रहा और अब दिल्ली विधानसभा को भंग कर दिया गया है।