Last Updated: October 13, 2026

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बाजारों में दिखने लगा गरीबों का फ्रिज… जानिए क्या है इसकी खासियत और क्यों बढ़ती है इसकी मांग

April 7, 2025

बाजारों में दिखने लगा गरीबों का फ्रिज… जानिए क्या है इसकी खासियत और क्यों बढ़ती है इसकी मांग

नेशनल डेस्क : गर्मी का मौसम शुरू होते ही ‘देसी फ्रिज‘ यानी पानी के मटकों की खरीदारी शुरू हो गई है। वैसे आज के दौर में लोग फ्रिज का पानी ज्यादा पीते हैं, लेकिन अब भी काफी लोग मटके का पानी-पीना ठीक समझते हैं। लोगों का मानना है कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके के पानी की तासीर ज्यादा अच्छी होती है। साथ ही मटके के पानी का अलग ही मीठा स्वाद होता है।

मटके का पानी-पीने से सर्दी-गर्मी की भी शिकायत ज्यादा नहीं होती है। देश भर में लोगों की बड़ी तादाद में बाजार में दिखने वाले मटकों की खरीदारी करते हुए देखा जा सकता है। गांवों के साथ साथ कई शहरों में मटकों की बिक्री शुरू हो चुकी है। आपको बता दें कि बाजार के अलावा सड़क किनारे फुटपाथ पर भी मटके बेचने वाले दिख जाएंगे। मटका और सुराही मिल जाएगी। अब इसमें टूटी लगी होती है, ताकि मटके से पानी निकालने में कोई दिक्कत न हो। पहले बिना टूटी वाले मटके ही बाजार में उपलब्ध हुआ करते है।

पानी की क्षमता मटकों की बनावट पर निर्भर

बाजार से आप 70 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की कीमत वाला मटका खरीद सकते हैं। इन सभी मटकों के पानी की क्षमता उनकी बनावट पर निर्भर करती है। वहीं मटका रखने के लिए भी अलग से स्टैंड बाजार में उपलब्ध है। गर्मी के दिनों में मटका रखने के लिए मटके के साथ के स्टैंड खरीदने वालों की मांग को देखते हुए मटका स्टैंड साथ में उपलब्ध रखते हैं जिससे मटका स्टैंड कि अच्छी खासी बिक्री हो जाती है। साथ ही बाजारों में निर्मल जल से गले को राहत देने वाले देसी मिट्टी के मटकों की बहार आ गई है। अभी से ही लगभग सभी जगह मिट्टी के मटकों की दुकान सज चुके हैं। वर्तमान में इन मिट्टी के बर्तनों में भी आधुनिकता का रंग चढ़ता दिखाई दे रहा है और टोंटी लगे मटके भी बाजार में आने लगे हैं।

स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक

कई लोगों का कहना है कि फ्रिज का पानी मानव शरीर के लिए हानिकारक है, अगर वहां हम मिट्टी के घड़े के पानी पीये को स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है। जिससे कारण लोग अब फिर से देशी पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों की ओर लौटने लगे हैं। देश में एक समय ऐसा आया था कि कुंभकारों पर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। बता दें कि उस कोरोना संकट के समय भी लोगों ने मिट्टी के मटकों को भी प्राथमिकता दी थी। अब जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसकी भी मांग बढ़ती जा रही है।

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