
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और जंग की आशंका को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत भारतीय वायुसेना को अब एक नया वाइस चीफ मिलेगा, वहीं भारतीय सेना के उत्तरी कमान को भी नया लेफ्टिनेंट जनरल मिल रहा है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
IAF के नए वाइस चीफ एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी…
आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना के नए वाइस चीफ के रूप में एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी को नियुक्त किया गया है। वे मौजूदा वाइस चीफ एयर मार्शल एसपी धारकर की जगह लेंगे, जो 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। एयर मार्शल तिवारी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), पुणे से ग्रेजुएट हैं और नेशनल डिफेंस कॉलेज, दिल्ली के प्रेसिडेंट गोल्ड मेडलिस्ट हैं। वे 7 जून 1986 को भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने और फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया था।
एयर मार्शल तिवारी का करियर
एयर मार्शल तिवारी का 37 साल का लंबा और सम्मानजनक करियर रहा है। उन्होंने फाइटर जेट उड़ाने का 3600 घंटे से ज्यादा का अनुभव प्राप्त किया है। वे क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी हैं। तिवारी ने मिराज-2000 जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को उड़ाया है और कारगिल युद्ध के दौरान कई महत्वपूर्ण मिशनों का नेतृत्व किया। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय वायुसेना के ‘तेजस’ फाइटर जेट की उड़ान की ट्रेनिंग भी ली है।
सम्मान और पुरस्कार
एयर मार्शल तिवारी को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें साल 2008 में ‘वायु सेना पदक’ (Vayu Sena Medal) से नवाजा गया था। इसके अलावा, उन्हें 2022 में ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ (Ati Vishisht Seva Medal) और 2025 में ‘परम विशिष्ट सेवा पदक’ (Param Vishisht Seva Medal) से भी सम्मानित किया गया।
उत्तर कमान के नए लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा
भारतीय सेना के उत्तरी कमान के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा को अब इस कमान का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। प्रतीक शर्मा हाल ही में पहलगाम हमले के बाद सेना प्रमुख के साथ श्रीनगर भी गए थे, जो उनके सक्रिय योगदान और जिम्मेदारी की ओर इशारा करता है।
प्रतीक शर्मा का करियर
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें महानिदेशक सैन्य संचालन (DGMO), मिलिट्री सेक्रेटरी ब्रांच और हाल ही में सेना मुख्यालय में स्थापित सूचना निदेशालय के इन्फॉर्मेशन वेलफेयर के महानिदेशक के रूप में उनकी सेवाएं शामिल हैं। उनकी नियुक्ति से यह स्पष्ट है कि उन्हें सेना में उच्चतम स्तर पर रणनीतिक और संचालन के अनुभव प्राप्त हैं।
आगे की दिशा
इन नियुक्तियों से भारतीय सेना और वायुसेना में नेतृत्व की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। दोनों नए अधिकारियों की नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं जब भारतीय सुरक्षा बलों को एक सशक्त और सक्षम नेतृत्व की जरूरत है, खासकर जम्मू-कश्मीर में चल रही स्थिति और पाकिस्तान के साथ संभावित तनाव को देखते हुए।
यह कदम भारतीय सेना और वायुसेना की सामरिक तैयारियों को और मजबूत करेगा, और दोनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती का सही तरीके से सामना किया जा सके।
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