Last Updated: September 22, 2026

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बाबा रामदेव की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली HC ने लगाई फटकार, कहा- अपनी ही दुनिया में रहते…

May 1, 2025

बाबा रामदेव की बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली HC ने लगाई फटकार, कहा- अपनी ही दुनिया में रहते…

नेशनल डेस्क : योग गुरु बाबा रामदेव ने 3 अप्रैल को एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने पतंजलि के गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए हमदर्द के मशहूर ड्रिंक रूह अफजा पर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमदर्द अपनी कमाई से मस्जिद और मदरसे बनवाता है, जबकि पतंजलि का शरबत भारतीय शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा देता है। उन्होंने ‘शरबत जिहाद’, ‘लव जिहाद’ और ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए हमदर्द पर सीधा हमला किया।

हमदर्द की अदालत में याचिका

बता दें कि बाबा रामदेव के इस बयान से हमदर्द कंपनी आहत हुई और उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने कोर्ट से मांग की कि बाबा रामदेव को इस तरह के सांप्रदायिक और आपत्तिजनक बयानों से रोका जाए। हमदर्द ने इस वीडियो को बदनाम करने वाला और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाला बताया।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

वहीं अब मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने बाबा रामदेव की टिप्पणी को अस्वीकार्य” और “अंतरात्मा को झकझोर देने वाला” बताया। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि इस तरह के बयान अदालत की आत्मा को झटका देते हैं और समाज में गलत संदेश फैलाते हैं।

कोर्ट का आदेश और रामदेव की गैरहाजिरी

कोर्ट ने बाबा रामदेव को पिछली सुनवाई में निर्देश दिया था कि वे व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हों और एक हलफनामा दाखिल करें। इस हलफनामे में उन्हें यह वादा करना था कि भविष्य में वे हमदर्द के खिलाफ कोई विवादित बयान, सोशल मीडिया पोस्ट या विज्ञापन नहीं देंगे। कोर्ट ने उन्हें इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया था। लेकिन 1 मई को तय सुनवाई के दिन बाबा रामदेव फिर भी अदालत में पेश नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए नाराज़गी जताई और कहा कि अब उन्हें पेश होना ही होगा।

अवमानना नोटिस की चेतावनी

कोर्ट ने बाबा रामदेव की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अवमानना (contempt of court) नोटिस जारी करने की बात कही है। कोर्ट ने उनके वकील को चेतावनी दी कि अगर अगली बार भी रामदेव पेश नहीं हुए, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बाबा रामदेव की रूह अफजा पर की गई टिप्पणी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाई कोर्ट इसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से संवेदनशील मानते हुए बेहद गंभीरता से ले रहा है। अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या बाबा रामदेव कोर्ट में पेश होंगे और माफीनामा देंगे।

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