Poisonous liquor scandal: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मजीठा में जहरीली शराब के कारण जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। चीमा ने इस घटना को जघन्य कृत्य बताया और आश्वासन दिया कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने भी ऊंचे राजनीतिक या प्रशासनिक पहुंच वाले क्यों न हो। चीमा ने कहा कि मैं उन परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोया है।
यह एक घृणित अपराध है और सरकार न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। कई अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ कानून के कड़े प्रावधानों के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियल-ग्रेड मैथनॉल का दुरुपयोग कर अवैध रूप से नकली शराब बनाने के लिए उपयोग किया गया, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गई। उन्होंने आश्वास्त किया कि ऐसी घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार भविष्य में औद्योगिक रसायनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
आपको बता दे, अमृतसर जिले में जहरीली शराब पीने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। यह दुखद घटना जिले के थारयेवाल, मरडी और भंगाली जैसे ग्रामीण इलाकों में सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में मजदूरों ने नकली शराब का सेवन किया था। पीड़ितों में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर बताए जा रहे हैं, जो कम दाम में शराब खरीदते थे।
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