नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को लेकर दिए गए अपने बयानों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उनके विचार पूरी तरह निजी हैं और वह कांग्रेस पार्टी की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
थरूर ने क्या कहा?
थरूर ने कहा, “मैंने अपने विचार एक भारतीय नागरिक के रूप में रखे हैं, न कि किसी पार्टी या सरकार के प्रवक्ता के रूप में।” उन्होंने कहा कि इस समय देश के झंडे के इर्द-गिर्द एकजुट होना ज़रूरी है, खासकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैसे अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट में, जहां भारत की बात को उतना महत्व नहीं दिया जा रहा। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने जो भी कहा, वह कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक राय नहीं है और न ही पार्टी ने उन्हें ऐसा कोई संदेश भेजा है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को कहा, “शशि थरूर के विचार उनके निजी हैं, पार्टी की राय नहीं।” इस पर थरूर ने भी सहमति जताई और कहा, “जयराम जी बिल्कुल सही कह रहे हैं। मैं कांग्रेस का प्रवक्ता नहीं हूं।”
CWC बैठक पर भी दी सफाई
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में थरूर को कहा गया कि उन्होंने ‘लक्ष्मण रेखा पार की’। इस पर थरूर ने कहा, “ऐसी कोई बात बैठक में नहीं हुई, मैं वहां मौजूद था। अगर बाद में कुछ हुआ, तो मुझे कोई सूचना नहीं मिली है।” थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की थी और भारत व पाकिस्तान के बीच सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने की सहमति का स्वागत किया था। उन्होंने शांति बनाए रखने को ज़रूरी बताया था।
पार्टी और सरकार का रुख?
कांग्रेस ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षाबलों को समर्थन दिया था। लेकिन अब पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार से सवाल किए हैं कि डोनाल्ड ट्रम्प ने कैसे दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (POJK) में सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
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