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भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले को सरकार देगी 50 हजार का ईनाम

May 27, 2025

भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले को सरकार देगी 50 हजार का ईनाम

नवांशहर: जिला पीसीपीएनडीटी सलाहकार कमेटी की बैठक सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय शहीद भगत सिंह नगर में सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें पीसीपीएनडीटी एक्ट के सख्त क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इस मौके कार्यकारी पीसीपीएनडीटी समन्वयक हरनेक सिंह ने जिला सलाहकार कमेटी के सदस्यों को बैठक के एजेंडे के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरजीत सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले के अल्ट्रासाउंड स्कैन सेंटरों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश देते कहा कि इस एक्ट, जिसे आमतौर पर पीएनडीटी एक्ट के नाम से जाना जाता है, का मुख्य मंतव्य प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण जांच पर रोक लगाकर कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है।

पीसीपीएनडीटी एक्ट दोनों लिंगों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए डायग्नोस्टिक तकनीकों को नियंत्रित करता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में अल्ट्रासाउंड स्कैन सेंटरों की निरंतर जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण जांच के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाकर लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड स्कैन सेंटरों को एक्ट के नियमों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण करना या गर्भवती महिला पर जांच करवाने के लिए दबाव डालना कानून की नजर में अपराध है और ऐसा मामला सामने आने पर एक्ट के तहत सजा का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान लिंग परीक्षण करना और करवाना दोनों ही अपराध हैं। इस अपराध में शामिल डॉक्टर से लेकर जांच करने व करवाने वाले को भी समान रूप से दोषी माना जाता है और अपराध सिद्ध होने पर उन्हें कम से कम तीन वर्ष की कैद हो सकती है। उन्होंने कहा कि लिंग निर्धारण जांच करने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पंजाब सरकार ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत फर्जी मरीज को एक लाख रुपए और सूचना देने वाले को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लिंग निर्धारण जांच संबंधी कोई भी सूचना देने वाले व्यक्ति की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

इस मौके जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. हरीश कृपाल ने कहा कि भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह गंभीर है। इस मौके अन्यों के अलावा उप जिला अटार्नी मनजोत कुमार, जिला प्रोग्राम अधिकारी प्रतिनिधि जिला समन्वयक सुप्रिया ठाकुर, डॉ. मोनिका जैन, कमेटी सदस्य ऊषा किरण, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बलराज चौधरी, जिला समूह शिक्षा एवं सूचना अधिकारी दलजीत सिंह, समाजसेवी रतन जैन, बीरबल तकखी व अन्य कमेटी सदस्य मौजूद रहे।

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