Last Updated: September 22, 2026

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इस भ्रष्ट नेता के खिलाफ भाजपा की बड़ी कार्रवाई, पार्टी से 6 साल के लिए किया निष्कासित

May 27, 2025

इस भ्रष्ट नेता के खिलाफ भाजपा की बड़ी कार्रवाई, पार्टी से 6 साल के लिए किया निष्कासित

नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय अनुशासन समिति ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण कर्नाटक राज्य के विधायक ए शिवराम हेब्बार को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। भाजपा की अनुशासन समिति ने यह कदम उस वक्त उठाया जब यह आरोप सामने आया कि हेब्बार पार्टी के दिशा-निर्देशों और नीतियों के खिलाफ काम कर रहे थे। आइए जातने है इस खबर को विस्तार से….

शिवराम हेब्बार का राजनीतिक इतिहास

आपको बता दें कि शिवराम हेब्बार ने भारतीय राजनीति में अपना करियर पहले कांग्रेस पार्टी से शुरू किया था, लेकिन 2019 में जब JDS और कांग्रेस की गठबंधन सरकार गिरने के कगार पर थी, तब उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया था। भाजपा ने उन 17 विधायकों को अपने पाले में किया था, जिन्होंने कांग्रेस-JDS सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। शिवराम हेब्बार भी उनमें से एक थे।

पार्टी विरोधी गतिविधियां और निष्कासन का कारण

दरअसल, भाजपा ने यह कदम उठाया है क्योंकि शिवराम हेब्बार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप था। ऐसे आरोप पार्टी की अनुशासन समिति के लिए गंभीर चिंता का विषय थे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें निष्कासित कर दिया गया। भाजपा के लिए पार्टी के अनुशासन और नीतियों का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, और अगर कोई सदस्य उन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे पार्टी से बाहर किया जा सकता है।

पार्टी में बागी विधायकों का मुद्दा

2019 में जब भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस सरकार को गिराने के लिए विधायकों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश की थी, तब यह आरोप लगे थे कि यह राजनीति में विश्वासघात जैसा कदम था। भाजपा ने 17 बागी विधायकों को अपने पाले में किया था, जिनमें शिवराम हेब्बार भी शामिल थे। हालांकि, अब उनकी पार्टी से निष्कासन इस बात को दर्शाता है कि भाजपा के लिए पार्टी की अनुशासन नीति पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

भविष्य की राह

शिवराम हेब्बार का निष्कासन भाजपा की आंतरिक अनुशासन नीति को एक और कड़ा संदेश देता है। यह साफ है कि पार्टी के खिलाफ जाने वाले नेताओं को कोई भी नरमी नहीं बरती जाएगी, चाहे वे पहले पार्टी में किसी भी स्थिति में रहे हों। उनके निष्कासन से पार्टी में एक संदेश जाता है कि भाजपा अनुशासन और नीतियों के प्रति सख्त है, और पार्टी के सदस्य किसी भी स्थिति में उसकी विचारधारा से बाहर नहीं जा सकते।

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