जालंधर: शहर ने शनिवार रात सुरक्षा के नाम पर पूरे 30 मिनट तक अंधेरे की चादर ओढ़ी, जब ‘ऑपरेशन शील्ड’’ के तहत रात 9:30 से 10 बजे तक पूर्ण ब्लैकआऊट का अभ्यास किया गया। इस दौरान पूरे जिले में घरों, कार्यालयों, दुकानों और सड़कों की लाइटें बंद रहीं। ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत ज़िला प्रशासन व सिविल डिफैंस विभाग की अगुवाई में यह ब्लैकआऊट अभ्यास किया गया, जिसका उद्देश्य संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना था। इस दौरान शहरवासियों ने अनुशासन व जागरूकता का परिचय देते हुए स्वेच्छा से अपने घरों, दुकानों, रैस्टोरैंट्स, और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लाइट्स बंद रखीं।
यहां तक कि कई ढाबों और छोटी रेहड़ियों वालों ने भी अभ्यास में सहयोग दिखाया। ब्लैकआऊट के दौरान न सिर्फ बिजली की सप्लाई बंद रही, बल्कि प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए थे कि इन्वर्टर, जनरेटर या किसी भी प्रकार के वैकिल्पक प्रकाश स्रोत का प्रयोग न किया जाए। ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत जालंधर में किया गया ब्लैकआऊट अभ्यास न सिर्फ सफल रहा, बल्कि इसने प्रशासन और आमजन के बीच एक बेहतर तालमेल का भी उदाहरण प्रस्तुत किया। भविष्य में ऐसे अभ्यासों से आपातकालीन स्थितियों में शहर की तैयारियों को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
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