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CM Mann के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने राज्य के लिए प्रगतिशील लैंड पूलिंग नीति लाने को दी मंजूरी

June 3, 2025

CM Mann के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने राज्य के लिए प्रगतिशील लैंड पूलिंग नीति लाने को दी मंजूरी

चंडीगढ़/जालंधर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने योजनाबद्ध और दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य में नई और प्रगतिशील भूमि पूलिंग नीति लाने को मंजूरी दे दी। इस संबंध में निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति का उद्देश्य भूमि मालिकों, प्रोमोटरों और कंपनियों को विकास प्रक्रिया में भागीदार के रूप में शामिल करना और भूमि मालिकों की भूमि पूलिंग में रुचि बढ़ाना है। इस संशोधित योजना को छोटे और हाशिए पर धकेले गए किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए तर्कसंगत बनाया गया है, ताकि उन्हें अधिक प्रतिफल प्रदान किया जा सके, जिससे राज्य में समूह हाऊसिंग और योजनाबद्ध विकास को और बढ़ावा मिलेगा, ताकि अंतत: आम आदमी को लाभ हो सके।

यह नई नीति राज्य में बड़े बदलाव का कारण बनेगी क्योंकि यह किसानों को बड़े लाभ प्रदान करेगी। इस नीति के तहत पूरा अधिकार किसान के पास है और यह 100 प्रतिशत किसान का निर्णय होगा कि सरकार को जमीन देनी है या नहीं। किसान या तो अपनी जमीन रख सकते हैं और खेती जारी रख सकते हैं या इसे बेचने का विकल्प चुन सकते हैं। पहले की तरह जबरदस्ती कोई जमीन अधिग्रहित नहीं होगी।,किसान की लिखित सहमति (एन.ओ.सी.) के बिना कोई कार्रवाई नहीं होगी और जमीन सीधे सरकार को दी जाएगी, निजी डिवैलपर्स को नहीं। सरकार जमीन का पूरी तरह विकास करेगी और किसानों को प्लाट वापस करेगी, जिसमें सड़कें, बिजली और पानी के कनैक्शन, सीवरेज पाइप, स्ट्रीट लाइटें और पार्क जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी।

इन प्लाटों की कीमत बाजार मूल्य से चार गुना अधिक होगी। प्रत्येक किसान को सरकार से एक लिखित दस्तावेज प्राप्त होगा, जिसमें किसान के पूरे अधिकार का स्पष्ट उल्लेख होगा। किसान 500 वर्ग गज के दो प्लॉट प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं और किसानों को इन प्लॉटों को रखने या बेचने की पूरी आजादी होगी। लाभ केवल एक एकड़ तक सीमित नहीं है और जितना अधिक योगदान किसान देगा, उतना ही अधिक मुनाफा होगा। इसके अलावा, भागीदारी के माध्यम से अतिरिक्त लाभ होंगे, क्योंकि यदि कोई किसान नौ एकड़ का योगदान देता है, तो उसे 3 एकड़ विकसित समूह हाऊसिंग जमीन मिलेगी।

यदि कई किसान सरकार के लिए 50 एकड़ जमीन एकत्र करते हैं, तो उन्हें बदले में 30 एकड़ पूरी तरह विकसित जमीन मिलेगी। यह नीति भू-माफिया राज के अंत और अवैध कॉलोनियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था करती है। वहीं, राजस्व उत्पन्न करके राज्य के व्यापक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने रियल एस्टेट प्रोमोटरों पर लागू होने वाली बाहरी विकास दरों (ई.डी.सी.), भूमि उपयोग परिवर्तन (सी.एल.यू.) की दरों, लाइसैंस फीस (एल.एफ.) और अन्य दरों को बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी।

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