हमीरपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरु वार को संसद के मानसून सत्र की समाप्ति पर मीडिया से रूबरू होते हुए विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस बार का सत्र जनहित पर चर्चा का नहीं बल्कि विपक्ष की अराजकता और ओछी राजनीति का अड्डा बनकर रह गया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से खुद को हर संवैधानिक संस्था और यहां तक कि देश से भी ऊपर मानती आई है। यही कारण है कि राष्ट्रहित की बजाय उसने सदैव स्वहित को प्राथमिकता दी है।
ठाकुर ने कहा कि संसद का समय अमूल्य होता है और इसका उपयोग जनहित की नीतियों एवं मुद्दों पर होना चाहिए। यह सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। लेकिन दुर्भाग्य से विपक्ष ने इस मानसून सत्र को लगातार बाधित कर देश के करदाताओं का भी अपमान किया है। उन्होंने कहा कि ये लोग संविधान की किताब तो हाथ में रखते हैं, लेकिन संविधान की मर्यादाओं का पालन करने से कतराते हैं। विपक्ष ने चर्चा से ही नहीं बल्किअपनी जिम्मेदारी से भी भागने का काम किया है।
अनुराग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं को भी कानून के दायरे में लाने का साहसिक कदम उठाया और इसके लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। लेकिन दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में पूरा विपक्ष इस कदम का विरोध करने खड़ा हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी राजशाही मानसिकता से ग्रसित है और स्वयं को कानून से ऊपर समझती है। सांसद ने जोर देकर कहा कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि संसद जनता के मुद्दों को सुलझाने का सर्वोच्च मंच है। यदि विपक्ष अपनी राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा में भाग ले तो लोकतंत्र और मजबूत होगा, लेकिन दुर्भाग्य से इस बार का मानसून सत्र विपक्ष की नकारात्मक राजनीति की भेंट चढ़ गया।
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