Last Updated: October 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

भारतीय टेस्ट क्रिकेट की “नई दीवार” ने क्रिकेट को किया अलविदा, एक सुनहरे युग का हुआ अंत

August 24, 2025

भारतीय टेस्ट क्रिकेट की “नई दीवार” ने क्रिकेट को  किया अलविदा, एक सुनहरे युग का हुआ अंत

Cheteshwar Pujara : भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और धैर्यशील बल्लेबाजों में से एक, चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे पुजारा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी और अपने क्रिकेट करियर को “एक सपने जैसा” बताया।

भावुक संदेश में जताया आभार
चेतेश्वर पुजारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना, और हर बार मैदान पर कदम रखते ही अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना – शब्दों में बयां करना नामुमकिन है कि इसका असली मतलब क्या था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, हर अच्छी चीज़ का अंत होना ही होता है, और अपार कृतज्ञता के साथ मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का फैसला किया है। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद!”

उनकी यह घोषणा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भावुक कर देने वाली रही, क्योंकि पुजारा न केवल एक बल्लेबाज थे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की रीढ़ बन चुके थे।

टेस्ट करियर का रहा लंबा सफर
2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले पुजारा ने अगले एक दशक तक भारतीय टेस्ट बल्लेबाजी क्रम को मजबूती दी। उन्होंने 103 टेस्ट मैच में 7195 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने औसत करीब 44.5 के औसत से 19 शतक, 35 अर्धशतक बनाए। वह राहुल द्रविड़ के उत्तराधिकारी के रूप में देखे गए और उन्हें “टेस्ट की दीवार” का नया चेहरा कहा जाने लगा।

ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत के हीरो
पुजारा का सबसे यादगार प्रदर्शन 2018-19 की ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया सीरीज में रहा, जहां उन्होंने 4 मैचों में 521 रन बनाए और भारत को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनकी ठोस बल्लेबाजी ने न केवल विपक्षी टीम को थकाया बल्कि टीम इंडिया को आत्मविश्वास भी दिया। उन्हें उस सीरीज का “प्लेयर ऑफ द सीरीज” घोषित किया गया।

वनडे में कम मौक़े, पर कभी नहीं किया शिकायत
पुजारा ने भले ही भारत के लिए केवल 5 वनडे मैच खेले और 51 रन बनाए, लेकिन उन्होंने कभी भी टीम चयन को लेकर विवाद नहीं किया। उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट और काउंटी क्रिकेट में खुद को निखारते हुए युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण पेश किया।

अब अगला अध्याय?
संन्यास की घोषणा के बाद यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि पुजारा अब कोचिंग या क्रिकेट कमेंट्री की दुनिया में कदम रख सकते हैं। उन्होंने हाल ही में रणजी ट्रॉफी में भी सौराष्ट्र के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और कई युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया।

भारतीय क्रिकेट में उनकी जगह कोई नहीं ले सकता
चेतेश्वर पुजारा का जाना केवल एक खिलाड़ी का रिटायरमेंट नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उन्होंने दिखा दिया कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, तकनीक और एकाग्रता की क्या अहमियत होती है।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI), पूर्व क्रिकेटर, और फैन्स ने पुजारा को उनके योगदान के लिए दिल से धन्यवाद कहा है। ट्विटर पर #ThankYouPujara ट्रेंड कर रहा है और दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमी उनके करियर को सलाम कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें