Punjab Assembly Session: पंजाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज 26 सितंबर सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा है। आपको बता दें कि यह सत्र मुख्य रूप से हाल ही में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों पर केंद्रित रहेगा। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में आई इस बाढ़ ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया है, जबकि लाखों एकड़ खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। वहीं बाढ़ से अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है और बिजली, स्कूल, अस्पताल, सड़कों व पुलों सहित कई बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँची है।
बाढ़ राहत व पुनर्वास पर होगी अहम चर्चा
राज्य सरकार ने केंद्र से राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 20,000 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन अब तक केंद्र सरकार ने मात्र 1,600 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की है। इस अंतर को लेकर सत्र में सभी दलों द्वारा गंभीर चर्चा की जाएगी और भविष्य की रणनीति पर आम सहमति बनाने का प्रयास होगा। बाढ़ के कारणों, बांधों की मौजूदा स्थिति और आने वाले समय में बचाव उपायों पर भी विस्तृत विमर्श की योजना है।
जाब विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र
सत्र का पहला दिन दिवंगत प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देने से शुरू होगा। इनमें पूर्व मंत्री हरमेल सिंह टोहरा, पूर्व विधायक रघबीर सिंह, प्रसिद्ध कलाकार जसविंदर भल्ला, चरणजीत आहूजा और हाल ही में शहीद हुए सैनिकों के नाम शामिल हैं। श्रद्धांजलि के बाद विभिन्न विभागों की रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। इसके बाद बाढ़ से प्रभावित इलाकों के पुनर्वास और किसानों के नुकसान की भरपाई पर चर्चा होगी। विधानसभा की कार्यवाही का दूसरा चरण दो दिन के अवकाश के बाद 29 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। उस दिन तक कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और नीतिगत निर्णय तैयार होने की उम्मीद है।
आईएएस अधिकारियों को उपस्थित रहने के सख्त आदेश
इस सत्र को देखते हुए सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। संसदीय कार्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी वरिष्ठ अधिकारी सत्र के दौरान शुरुआत से अंत तक सदन में उपस्थित रहेंगे। उन्हें पूरी कार्यवाही का संज्ञान लेने और सत्र समाप्त होने के दो घंटे के भीतर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...