चंडीगढ़: लोन के संबंधी 4 लाख 41 हजार की ठगी करने वाले दो का लखनऊ और शेयर बाजार में इंवेस्ट करने के नाम पर एक व्यक्ति से 6 लाख 67 हजार रुपए ठगने वाले एक आरोपी को साइबर सेल थाना पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ निवासी योगेश ने एक फाइनेंशियल कंपनी से लोन लिया था। बाद में उन्हें उसी कंपनी के एक अधिकारी के रूप में खुद को बताते हुए एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। उसने कहा कि लोन अवधि बढ़ाने के लिए पहले का लोन चुकाना होगा। जिसके बाद उसने शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर लिंक भेजा और फिर उसकी के माध्यम से उसने योगेश कुमार से 4 लाख 61 हजार 280 रुपए ट्रांसफर कर लिए। कुछ देर बाद पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई।
जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की तो पता चला कि ठगी की रकम दो बैंक खातों में जमा की गई थी, एक इंडियन ओवरसीज बैंक का खाता विक्रांत सिंह का था और दूसरा आईसीआईसीआई बैंक में सौरव कुमार का, जो कि लखनऊ निवासी हैं। यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी की गई रकम बैंक खातों से निकाल भी ली गई है। जिसके बाद साइबर सेल थाना पुलिस की टीम ने 24 सितंबर को विक्रांत को लखनऊ से गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे आरोपी सौरव को भी अगले दिन लखनऊ से दबोचा गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाया था और धोखाधड़ी की रकम किसी अन्य व्यक्ति ने निकाली है। पुलिस अब इन दोनों के जरिए उस आरोपी की तलाश कर रही है।
वहीं शेयर बाजार में इंवेस्ट करने के नाम पर एक व्यक्ति से 6 लाख 67 हजार रुपए ठगने वाले एक आरोपी को साइबर सेल थाना पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। जबकि मामले में बाकी के आरोपियों की तलाश की जा रही है। चंडीगढ़ निवासी अनिल प्रकाश दुबे ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को टाटा कैपिटल का कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने कम लागत पर थोक शेयरों में निवेश करके और भारी मुनाफे का वादा किया। शिकायतकर्ता ने व्हाट्सएप नंबर पर भेजे गए एक फॉर्म/लिंक के माध्यम से पंजीकरण कराया और मोबाइल नंबरों पर अन्य व्यक्तियों से संपर्क किया। उसने शुरुआत में छोटी राशि जमा की और लाभ प्राप्त किया, जिससे उसे आगे निवेश करने का प्रोत्साहन मिला। बाद में कुल मिलाकर 6 लाख 67 हजार का निवेश किया।
जब उसने अपना लाभ वापस लेने का अनुरोध किया, तो धोखेबाजों ने उसे 22 लाख और निवेश करने के लिए कहा। जिसके बाद शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि राशि आईडीएफसी फस्र्ट बैंक के एक खाते में ठगी की रकम गई थी। साइबर सेल कर्मियों ने पिुर गोरखपुर, देविरया में छापा मारा गया और आरोपी अबुलैश अंसारी (50 ) को गिरफ्तार कर लिया गया। धोखाधड़ी वाले लेन-देन में इस्तेमाल किया गया उसका मोबाइल भी बरामद किया गया है। साथ ही पीड़ितों को ठगने के लिए इस्तेमाल किए गए अन्य मोबाइल नंबरों के सबूत भी मिले।
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