Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, RBI ने FY26 GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर किया 6.8%

October 1, 2025

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, RBI ने FY26 GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर किया 6.8%

Repo rate : भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने आम जनता और बाजारों की उम्मीदों के अनुरूप बुधवार को नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। लगातार चौथी बार रेपो रेट 5.50% पर स्थिर रखी गई है। 29 सितंबर से शुरू हुई तीन दिवसीय एमपीसी बैठक के अंतिम दिन आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह घोषणा की, जिसमें महंगाई और आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम फैसलों की जानकारी दी गई।

कर्ज सस्ता होने की उम्मीद को झटका
रेपो रेट में कोई बदलाव न होने से संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं को सस्ते कर्ज के लिए अभी और इंतजार करना होगा। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब आम लोग दिवाली और त्योहारी सीज़न में ब्याज दरों में राहत की उम्मीद कर रहे थे।

महंगाई दर में उल्लेखनीय गिरावट
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि महंगाई के मोर्चे पर स्थिति पहले से अधिक अनुकूल हो गई है। जून में जहां मुख्य मुद्रास्फीति 3.7% थी, वहीं अगस्त में यह घटकर 3.1% और अब 2.6% हो गई है। खाद्य मुद्रास्फीति में आई नरमी और जीएसटी दरों में कटौती को इसका प्रमुख कारण बताया गया है।

मौद्रिक नीति समिति द्वारा संशोधित मुद्रास्फीति अनुमान:

अवधि                            संशोधित  अनुमान                       पहले का अनुमान 
FY26 (पूरा वर्ष)                      2.6%                                        3.1%
Q2FY26                              1.8%                                         2.1%
Q3FY26                              1.8%                                         3.1%
Q4FY26                              4.0%                                         4.4%
Q1FY27                              4.5%                                         4.9%

GDP ग्रोथ में बढ़ोतरी का अनुमान
बढ़ते औद्योगिक उत्पादन, निर्यात और एफडीआई प्रवाह को ध्यान में रखते हुए रिज़र्व बैंक ने FY26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। RBI गवर्नर ने इसे “आशा से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन” करार दिया।

रुपये और बैंकिंग क्षेत्र पर RBI की नजर
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय रुपया स्थिर बना हुआ है और उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। मुद्रा बाजार में दरें स्थिर हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सिस्टम में तरलता पर्याप्त है। अगस्त के बाद से औसत दैनिक तरलता ₹2.1 लाख करोड़ के अधिशेष स्तर पर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) की वित्तीय स्थिति मजबूत है, और क्रेडिट ग्रोथ रफ्तार में है। इससे देश की समग्र आर्थिक गतिविधियों को बल मिल रहा है।

एफडीआई में 38 महीने का रिकॉर्ड
गवर्नर ने बताया कि जुलाई 2025 में भारत में शुद्ध एफडीआई 38 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच भरोसे और आर्थिक स्थिरता का संकेत देता है।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें