Punjab Weather Update : पंजाब में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में 5 से 8 अक्टूबर तक भारी बारिश की की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। बता दें कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने बांधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रावी और ब्यास नदियों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे किसानों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
#WATCH | Punjab | Light rain lashes several parts of Amritsar pic.twitter.com/VU9Iaor32k
— ANI (@ANI) October 5, 2025
कई जिलों में छाए रहेंगे बादल
शनिवार सुबह से ही जालंधर, कपूरथला, नवांशहर और लुधियाना समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, जबकि जालंधर में सुबह से ही तेज आंधी और झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन गई है, जिससे आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के उत्तरी और मध्य हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। वहीं, कुछ जिलों में अगले 24 घंटे में 50 से 100 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है।
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प्रशासन ने की तैयारी
जालंधर के उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने नगर निगम, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग और जल आपूर्ति विभाग को बारिश से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने या पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की तुरंत जानकारी जिला नियंत्रण कक्ष को दी जाए।
ब्यास और रावी नदियों से सटे जिलों के प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और नदियों के पास जाने से बचने की अपील की है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 8 अक्टूबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है। आरएसडी से 33,000 क्यूसेक और पौंग बांध से 7,422 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पठानकोट के शाहपुर कंडी स्थित रंजीत सागर बांध (आरएसडी) पिछले दो दिनों से रावी नदी में 36,000 क्यूसेक पानी छोड़ रहा था। शनिवार को इसमें से केवल 33,000 क्यूसेक ही छोड़ा गया।
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यह मुख्य रूप से बांध के जलग्रहण क्षेत्र में कम वर्षा के कारण है। शनिवार को बीबीएमबी ने होशियारपुर के तलवारा स्थित पौंग बांध से ब्यास नदी में 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन केवल 7,422 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। हिमाचल प्रदेश में बारिश न होने के कारण शनिवार को कम पानी छोड़ा गया। बीबीएमबी अधिकारियों का कहना है कि अगर अगले तीन दिनों में बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश होती है, तो और पानी छोड़ा जाएगा। संबंधित जिलों के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है।
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