हमीरपुर: हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिसमें धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और उनके सौंदर्यीकरण को सरकार की प्राथमिकता में शामिल करते हुए, मुख्यमंत्री ने उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक केंद्र दियोटसिद्ध के बाबा बालक नाथ मंदिर के विकास के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से 65 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दी है।
यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का नवीनीकरण करेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्र का भी व्यापक ढांचागत विकास सुनिश्चित करेगी। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचते हैं, और लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक हो गया है।
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मंदिर परिसर का कायाकल्प
इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पुराने भवनों को हटाकर नए आधुनिक भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर होंगी। साथ ही बड़े पैमाने पर पार्किंग स्थल का निर्माण भी शामिल है, जो पीक सीजन में भारी भीड़ के प्रबंधन में मदद करेगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी रवि धीमान ने बताया कि इस विकास योजना से न केवल मंदिर के धार्मिक वातावरण में निखार आएगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र का भी संपूर्ण सौंदर्यीकरण होगा। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा सुखद और सुविधाजनक होगी, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देशानुसार, यह परियोजना दियोटसिद्ध क्षेत्र के समग्र विकास का एक मील का पत्थर साबित होगी। मंदिर के पुनर्विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का आधुनिक और आकर्षक स्वरूप इस क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन मानचित्र पर और भी प्रमुख बनाएगा।
इस पहल से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को भी नई उड़ान मिलेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस परियोजना को प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह धार्मिक स्थलों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को एक नए रूप में प्रस्तुत करेगा।