
Women’s World Cup Final : नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में आज (2 नवंबर) महिला क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला खेला जाएगा। यह न सिर्फ महिला वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव और बदले का मौका भी है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया तीसरी बार खिताबी मुकाबले में उतरेगी, जबकि साउथ अफ्रीकी टीम पहली बार इस मंच पर कदम रख रही है। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, और अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कौन इतिहास रचेगा।
भारतीय महिला टीम का यह तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल है। इससे पहले, टीम ने 2005 और 2017 में फाइनल खेला था, लेकिन दोनों बार ट्रॉफी हाथ से निकल गई। 2005 में मिताली राज की अगुवाई में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने मात दी थी, वहीं 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टीम महज 9 रनों से हार गई थी। अब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया उस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए मैदान पर उतरेगी।
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साल 2005 का फाइनल भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक कड़वी याद बनकर रह गया था। साउथ अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की करेन रोल्टन ने 107 रनों की नाबाद पारी खेली थी और भारत को 117 रनों पर समेट दिया था। उस हार के बाद भारतीय टीम ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अब वही टीम एक नए युग में खड़ी है। जहां आत्मविश्वास, फिटनेस और फिनिशिंग दोनों ही स्तर पर बदलाव नजर आता है।
2017 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल में भारत ने जीत के बेहद करीब पहुंचकर ट्रॉफी गंवा दी थी। लंदन के लॉर्ड्स मैदान में 229 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 219 रन बनाकर 9 रनों से हार गया। उस मैच में पूनम राउत ने 86 रनों की शानदार पारी खेली थी, जबकि हरमनप्रीत कौर और मिताली राज का योगदान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अब वही हरमनप्रीत उस अधूरी कहानी को खत्म करने के इरादे से फाइनल में उतरेंगी।
टीम इंडिया का इस बार का आत्मविश्वास सेमीफाइनल में हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन से झलकता है। ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को भारत ने 5 विकेट से मात देकर वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा टारगेट चेज कर रिकॉर्ड कायम किया। स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने उस मैच में ग़ज़ब की बल्लेबाजी दिखाई थी। वहीं, गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ने अहम विकेट चटकाए थे।
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दूसरी ओर, साउथ अफ्रीकी टीम भी इस बार बेहद संतुलित और आक्रामक दिखी है। लौरा वोल्वार्ट की कप्तानी में टीम ने पहली बार फाइनल में जगह बनाई है। उनकी बल्लेबाजी इकाई में वोल्वार्ट के अलावा मरिज़ान कैप, लारा गुडऑल और क्लो ट्रायन जैसी प्लेयर्स हैं, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में स्थिरता दिखाई है। गेंदबाजी में शबनिम इस्माइल और आयाबोंगा खाका ने विरोधी टीमों को खूब परेशान किया है।
नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम फाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। उम्मीद की जा रही है कि यहां करीब 50 हजार से अधिक दर्शक इस रोमांचक भिड़ंत को देखने पहुंचेंगे। मौसम साफ रहेगा, जिससे बल्लेबाजों को शुरुआती ओवर्स में मदद मिल सकती है, लेकिन शाम होते-होते हल्की ओस का असर भी देखा जा सकता है।