कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी ने सोमवार को भव्य पुस्तक मेले की शुरुआत कराई। कार्यक्रम का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य अशोक रोशा ने किया। उन्होंने कहा कि गीता महोत्सव भारतीय ज्ञान-परंपरा को वैश्विक स्तर तक ले जाने वाला मंच है और पुस्तक मेले जैसे आयोजन पढ़ने की संस्कृति को मजबूती देते हैं।
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मेले में देशभर के प्रमुख प्रकाशकों ने धार्मिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, लोकसंस्कृति, दर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों का प्रदर्शन किया। हिंदी, संस्कृत, हरियाणवी, पंजाबी और अन्य भारतीय भाषाओं की नई व दुर्लभ कृतियां भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं।
अकादमी के सदस्य सचिव मंजीत सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में पुस्तक मेले को और विस्तृत रूप देने की योजना है, ताकि अधिक पाठक इससे जुड़ सकें।
पुस्तक मेला पांच दिसंबर तक ब्रह्मसरोवर परिसर में स्टॉल नंबर 670 से 675 पर चलेगा। एनबीटी, उपकार, अनुराधा, आधार, मोनिका, वीरांची, अद्विक और केंद्रीय साहित्य अकादमी जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस मौके पर संस्कृति प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. चितरंजन दयाल कौशल, हिंदी-हरियाणवी प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. धर्मदेव, अकादमी के संयोजक डॉ. विजेंद्र कुमार और कार्यक्रम संयोजक कृष्णकुमार गिल समेत कई विद्वान व सदस्य उपस्थित रहे।
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