इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और रूस के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। 7 जनवरी 2026 को अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूस से जुड़े एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया। इस घटना के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बेहद नाराज हैं, जिस टैंकर को पकड़ा गया उसका नाम ‘बेला-1’ है।
बताया जा रहा है कि यह टैंकर वेनेजुएला के पास अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी को तोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। टैंकर पर रूस का झंडा लगा हुआ था। अमेरिका की इस कार्रवाई को रूस ने सीधे तौर पर समुद्री डकैती करार दिया है। रूस पहले ही वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के सख्त रुख से नाराज था। अब इस ताज़ा घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और ज्यादा कड़वाहट आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सवाल उठने लगा है कि क्या रूस इस कार्रवाई का जवाब देगा और क्या हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ सकते हैं।
दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतें और परमाणु हथियारों से लैस देश होने के कारण अमेरिका और रूस के बीच किसी भी तरह की जंग पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। अगर हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी मानवता इसकी चपेट में आ सकती है।
ये भी पढ़ें: मोबाइल यूजर्स को बड़ा झटका, महंगे हो जाएंगे रिचार्ज प्लान!
इससे पहले 18 सितंबर 2019 को आईकैन (icanw.org) की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि अगर अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध होता है तो इसके शुरुआती कुछ घंटों में ही भारी तबाही मच सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ही कुछ घंटों में करीब 3 करोड़ 41 लाख लोगों की मौत हो जाएगी और 5 करोड़ 74 लाख से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो जाएंगे।
यह रिपोर्ट साल 2013 में अंतरराष्ट्रीय डॉक्टरों के संगठन द्वारा की गई एक स्टडी पर आधारित थी, जिसका मकसद परमाणु युद्ध को रोकने के खतरों को उजागर करना था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि परमाणु युद्ध का असर सिर्फ तुरंत होने वाली मौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले कई सालों और पीढ़ियों तक इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे।
परमाणु हमलों के बाद रेडियोधर्मिता फैल जाएगी, जिससे वातावरण जहरीला हो सकता है। इसके अलावा पृथ्वी के तापमान में तेज गिरावट आ सकती है, जिसे न्यूक्लियर विंटर जैसी स्थिति कहा जाता है। इससे खेती, भोजन और जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि अगर भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के बीच भी सीमित परमाणु युद्ध होता है, तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में एक अरब से ज्यादा लोग भूखमरी का शिकार हो सकते हैं और करीब 1.3 अरब लोगों को गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें: बर्फ पर स्टंट कर रहा था युवक, फिर गिरा धड़ाम… वीडियो देख आप भी नहीं रोक पाएंगे हंसी
आंकड़ों के अनुसार, रूस के पास करीब 5,449 परमाणु हथियार और अमेरिका के पास 5,277 न्यूक्लियर हथियार मौजूद हैं। हथियारों की ताकत को ध्यान में रखते हुए यह अनुमान लगाया गया था कि किसी भी तरह की परमाणु जंग पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगी। मौजूदा हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और रूस आगे क्या कदम उठाते हैं और क्या कूटनीति के जरिए हालात को संभाला जा सकेगा या नहीं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...