Last Updated: September 23, 2026

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मोबाइल यूजर्स को बड़ा झटका, महंगे हो जाएंगे रिचार्ज प्लान!

January 9, 2026

मोबाइल यूजर्स को बड़ा झटका, महंगे हो जाएंगे रिचार्ज प्लान!

बिजनेस डेस्क: भारत में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए आने वाला समय थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2026 से मोबाइल रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी लगभग दो साल बाद होने की संभावना है, क्योंकि पिछले कुछ समय से टेलीकॉम कंपनियों ने अपने टैरिफ में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से टेलीकॉम कंपनियों की कमाई में तेज उछाल आ सकता है और FY27 तक सेक्टर की आय दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं मोबाइल रिचार्ज के दाम?

रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल टैरिफ में यह बढ़ोतरी इंडस्ट्री के पुराने ट्रेंड्स के मुताबिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में मोबाइल डेटा की खपत लगातार बढ़ रही है। अब ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, प्रीपेड से पोस्टपेड प्लान्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं और पहले के मुकाबले ज्यादा डेटा खर्च कर रहे हैं। इन सभी वजहों से टेलीकॉम कंपनियों की प्रति यूज़र कमाई यानी ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूज़र) लगातार बढ़ रही है और इसी को आगे बढ़ाने के लिए कंपनियां टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में हैं।

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FY27 में टेलीकॉम सेक्टर की कमाई को मिलेगा बड़ा फायदा

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर जून 2026 में रिचार्ज प्लान्स महंगे होते हैं, तो FY27 में टेलीकॉम सेक्टर की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ करीब 16 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। वहीं FY26 में यह ग्रोथ लगभग 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगर 15 प्रतिशत तक की कीमतों में बढ़ोतरी होती है, तो FY27 में ARPU में करीब 14 प्रतिशत सालाना बढ़त देखी जा सकती है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी कहती है कि ज्यादा महंगे रिचार्ज की वजह से कुछ नए ग्राहक जुड़ने से रुक सकते हैं और कुछ मौजूदा यूजर्स अपना खर्च कम करने की कोशिश कर सकते हैं।

Jio और Vodafone Idea पर क्या पड़ेगा असर?

टैरिफ बढ़ोतरी का असर हर टेलीकॉम कंपनी पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, Reliance Jio अपने मोबाइल रेट्स में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकता है। इसका मकसद Bharti Airtel के बराबर अपनी वैल्यूएशन लाना और निवेशकों को बेहतर रिटर्न देना है। वहीं Vodafone Idea की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कंपनी पर भारी कर्ज है और उसे FY27 से FY30 के बीच मोबाइल रेट्स में कुल मिलाकर करीब 45 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, ताकि वह अपने सरकारी बकायों का भुगतान कर सके।

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Vodafone Idea की चुनौतियां अभी भी बरकरार

फिलहाल सरकार ने Vodafone Idea के AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाया को 87,695 करोड़ रुपये पर फ्रीज कर रखा है। इस रकम का भुगतान FY32 से शुरू होकर FY41 तक किया जाना है। अगर सरकार कंपनी को पांच साल का मोरेटोरियम देती है, तो FY30 तक उस पर वित्तीय दबाव 35 से 85 प्रतिशत तक कम हो सकता है। इसके बावजूद Vodafone Idea को अपने नेटवर्क को मजबूत बनाए रखने के लिए रिचार्ज प्लान्स महंगे करने के साथ-साथ नए कर्ज या इक्विटी फंडिंग की भी जरूरत पड़ेगी।

अब मुनाफा बढ़ने की उम्मीद

टैरिफ बढ़ोतरी और 5G नेटवर्क के बड़े स्तर पर रोलआउट के बाद टेलीकॉम कंपनियों के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला दौर अब लगभग खत्म हो चुका है। FY27 तक कंपनियों का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) सीमित रहने की उम्मीद है, जिससे उनकी कमाई और मार्जिन पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है।

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