Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

ठंडा दूध पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानिए किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

February 13, 2026

ठंडा दूध पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानिए किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

Health Benefits Cold Milk: भारतीय रसोई में दूध का खास स्थान है। यह कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक और विटामिन D जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। कुछ लोग दूध को गर्म पीना पसंद करते हैं, जबकि कई लोग ठंडा दूध पीना ज्यादा पसंद करते हैं। आइए जानते हैं कि ठंडा दूध पीना सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पेट की समस्याओं में राहत

अगर आपको एसिडिटी, गैस या पेट में जलन की शिकायत रहती है तो ठंडा दूध आराम पहुंचा सकता है। यह पेट की अंदरूनी परत पर एक ठंडक भरी परत बनाता है, जिससे जलन कम महसूस होती है। कुछ लोग पाचन सुधारने के लिए ठंडे दूध में इसबगोल मिलाकर भी लेते हैं, जो एसिड रिफ्लक्स की समस्या में सहायक माना जाता है।

वजन घटाने में सहायक

ठंडे दूध में मौजूद कैल्शियम शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है। एक गिलास दूध पीने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख लगने और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत पर नियंत्रण पाया जा सकता है। हालांकि, वजन कम करने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी जरूरी है।

ये भी पढ़ें : 

हाई ब्लड प्रेशर में लाभकारी

दूध में पाए जाने वाले पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं। ये पोषक तत्व शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करने और रक्त वाहिकाओं को आराम देने में सहायक होते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में ठंडा दूध पीना हाई बीपी के मरीजों के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

त्वचा के लिए फायदेमंद

ठंडा दूध शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी प्रदान करते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिख सकती है। सुबह के समय ठंडा दूध पीना कई लोगों को ताजगी का एहसास देता है।

सीने की जलन में राहत

अगर सीने में जलन या खट्टी डकार की समस्या हो, तो ठंडा दूध अस्थायी राहत दे सकता है। इसमें मौजूद कैल्शियम पेट के अतिरिक्त एसिड को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे जलन की तीव्रता कम हो सकती है।

ये भी पढ़ें :

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?

जिन्हें लैक्टोज इन्टॉलरेंस है, उन्हें दूध से परहेज करना चाहिए।

सर्दी-जुकाम या गले में खराश होने पर ठंडा दूध असहजता बढ़ा सकता है।

अधिक मात्रा में दूध पीने से पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।

Disclaimer : ठंडा दूध कई मामलों में लाभकारी हो सकता है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज नहीं है। अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार दूध का सेवन करें और किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें