Last Updated: September 23, 2026

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पालक से खजूर तक: रोज खाएं ये चीजें, दूर रहेगी खून की कमी

February 17, 2026

पालक से खजूर तक: रोज खाएं ये चीजें, दूर रहेगी खून की कमी

शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया आज भी बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इससे थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और बच्चों में विकास रुकने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान और समय-समय पर जांच से एनीमिया से बचाव संभव है।

सरकारी स्तर पर भी एनीमिया के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग लगातार यह संदेश दे रहा है कि संतुलित आहार अपनाकर और आयरन की कमी को समय रहते पहचानकर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

नेशनल हेल्थ मिशन ने एनीमिया (खून की कमी) को खत्म करने के लिए देशव्यापी जागरुकता अभियान तेज किया है। इस अभियान का मुख्य संदेश है, “एनीमिया को हराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं।” एनीमिया एक ऐसी समस्या है जो खासकर महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में आम है। यह थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना और बच्चों में विकास रुकने जैसी परेशानियां पैदा करती है, लेकिन सही आहार, नियमित जांच और जागरूकता से एनीमिया-मुक्त हुआ जा सकता है।

एनीमिया से बचने के लिए सबसे जरूरी है रोजाना आयरन, विटामिन सी और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार लेना। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है, जो खून में ऑक्सीजन पहुंचाता है। विटामिन सी आयरन को शरीर में बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, जबकि प्रोटीन शरीर की मरम्मत और विकास के लिए आवश्यक होता है।

आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ, चौलाई, चना, राजमा, सोयाबीन, काले चने, ज्वार, बाजरा, गुड़, चुकंदर, अनार, सेब, खजूर) के साथ ही विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां (आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च) के साथ ही प्रोटीन युक्त आहार जैसे मूंग, अरहर, मसूर, उड़द, दूध, दही, छाछ, पनीर, सोया चंक्स, राजमा, चना और बीज (बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट, तिल, चिया सीड्स, अलसी, कद्दू के बीज आदि) का सेवन फायदेमंद होता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी वाला फल या नींबू जरूर लें, ताकि आयरन अच्छे से सोखा जाए। चाय-कॉफी भोजन के तुरंत बाद न पिएं, क्योंकि ये आयरन के अवशोषण को रोकती हैं। हर 3-6 महीने में हीमोग्लोबिन जांच करवाएं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लेने चाहिए।

 

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