इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) यानी IRGC के मुख्यालय को एक बड़े हमले में पूरी तरह तबाह कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने कहा कि IRGC बीते 47 वर्षों में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार रहा है।
CENTCOM ने अपने बयान में इस कार्रवाई को ‘सांप का सिर काटने’ जैसा बताया। उनका कहना है कि इस हमले से IRGC की कमान और संचालन व्यवस्था को सीधा और बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अब IRGC का कोई सक्रिय हेडक्वार्टर नहीं बचा है। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। दूसरी ओर इजराइल की सेना ने भी ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमले करने की जानकारी दी है।
इजराइली सैन्य सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में IRGC के कमांड सेंटर, इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर, एयर फोर्स कमांड सेंटर और आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि इन हमलों से ईरान की कमांड-एंड-कंट्रोल प्रणाली को गहरा नुकसान पहुंचा है, जिससे सैन्य फैसले लेने और उन्हें लागू करने की क्षमता प्रभावित हुई है।
The Iranian Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) killed more than 1,000 Americans over the past 47 years. Yesterday, a large-scale U.S. strike cut off the head of the snake. America has the most powerful military on earth, and the IRGC no longer has a headquarters. pic.twitter.com/WdpN7JBECr
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब शनिवार को ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हत्या की खबर के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इसके बाद अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान रविवार तक जारी रहने की जानकारी दी गई है हालांकि, ईरान की ओर से इन हमलों और नुकसान को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच पूरी दुनिया की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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