इंटरनेशनल डेस्क: संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई में गुरुवार को ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। दुबई प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शहर के अल वदा’अ इलाके में ड्रोन से जुड़ी एक घटना हुई, जिसकी जांच और कार्रवाई स्थानीय अधिकारी कर रहे हैं। एएफपी के एक पत्रकार ने भी डाउनटाउन इलाके में तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनीं, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि घटना के बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर भेजा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि एएफपी के संवाददाता ने अल वदा’अ के रिहायशी इलाके के ऊपर धुएं का गुबार उठते हुए देखा, जिससे यह साफ है कि ड्रोन के कारण वहां नुकसान हुआ है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच टकराव तेज हो गया है, जिसमें यूएस भी शामिल है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इसी बढ़ते संघर्ष के बीच खाड़ी देशों को भी हमलों और सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अब तक कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सात अमेरिकी सैनिक और 11 आम नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है और कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
इसी बीच ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी एक और घटना की जानकारी दी है। एजेंसी के अनुसार, गुरुवार को ही फारस की खाड़ी में दुबई के तट के पास एक कंटेनर जहाज पर संदिग्ध हमला हुआ, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद चालक दल सुरक्षित है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र के देशों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्दी नहीं सुधरे, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
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