Last Updated: November 6, 2026

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रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: 42 दिनों तक वंदे भारत समेत इन ट्रेनों का बदला रूट

April 2, 2026

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: 42 दिनों तक वंदे भारत समेत इन ट्रेनों का बदला रूट

नेशनल डेस्क: अगर आप आने वाले दिनों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 2 अप्रैल से अगले 42 दिनों तक कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। रेलवे विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश में कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर गंगा नदी के पुल के ऊपर बने ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाएगा। इसी वजह से ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।

यह रेल मार्ग राज्य के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं। ऐसे में इस काम के दौरान यात्रियों को ट्रेन लेट होने, रूट बदलने और कुछ ट्रेनों के रद्द होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर मध्य रेलवे के अनुसार, इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम ट्रेनों पर पड़ा है।

किन ट्रेनों के रूट बदले गए हैं?

नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (12004) अब अपने पुराने इटावा-कानपुर मार्ग के बजाय गाजियाबाद-मुरादाबाद के रास्ते लखनऊ पहुंचेगी। लंबी दूरी की ट्रेनें जैसे लोकमान्य तिलक-गोरखपुर और पनवेल-गोरखपुर को प्रयागराज और अयोध्या के रास्ते चलाया जाएगा।आनंद विहार से अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस (22426) भी अब मुरादाबाद-लखनऊ मार्ग से संचालित होगी। खास बात यह है कि वंदे भारत एक्सप्रेस कुछ तय तारीखों 8, 15, 22, 29 अप्रैल और 6 मई को अपने पुराने कानपुर वाले मार्ग से ही चलेगी।

कौन-कौन सी ट्रेनें रद्द की गई हैं?

इस अवधि में स्थानीय यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिनमें लखनऊ-झांसी मेमू, रायबरेली पैसेंजर, कानपुर-लखनऊ मेमू और कानपुर-सीतापुर पैसेंजर शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के संचालन में आंशिक बदलाव भी किया गया है।

शॉर्ट टर्मिनेशन और अन्य बदलाव

कासगंज-लखनऊ एक्सप्रेस अब अनवरगंज स्टेशन तक ही जाएगी यानी यह लखनऊ नहीं पहुंचेगी। आगरा फोर्ट-लखनऊ एक्सप्रेस को कानपुर न लाकर बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा।
क्यों किया जा रहा है यह काम?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हर दिन लगभग 8 घंटे का ब्लॉक लेकर ट्रैक की मरम्मत, स्लीपर बदलने और फिटिंग सुधारने का काम किया जाएगा। यह काम तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि भविष्य में सफर और सुरक्षित हो सके।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें। इसके लिए आप NTES (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग कर सकते हैं।

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