कैथल। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसान, मजूदर और कमेरा विरोधी है। अब गेहूं खरीद में तुगलकी फैसले लागू कर दिए हैं। इसका इनेलो पुरजोर विरोध करती है।
किसानों के लिए गेहूं बेचना जी का जंजाल बन गया है। पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पोर्टल करवाना, ट्रैक्टर के ऊपर नंबर लगाना, गेट पास कटवाने से पहले ट्रेक्टर-ट्राली के पास खड़ा होकर फोटो खिंचवाना और किसान की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाना अनिवार्य कर गेहूं खरीद को जटिल बना दिया है। गुरुवार को रामपाल माजरा अपने सेक्टर-20 के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंडियन नैशनल लोकदल इसका कड़ा विरोध करेगी। 12 अप्रैल को कैथल की नई अनाज मंडी में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला, पूर्व मंत्री संपत्त सिंह और रामपाल माजरा खुद ट्रेक्टर लेकर बेरिकेड तोड़ते हुए मंडी जाएंगे, देखते हैं कौन उन्हें रोकेगा।
इनेलो किसान की गेहूं खरीद में बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने का विरोध कर रही है, इसमें इनेलो के कार्यकर्ता, किसान और मजदूर भी शामिल होंगे। इनेलो पूरे समर्पण भाव से प्रयासरत है कि गेहूं खरीद में बायोमेट्रिक जैसी बेमतलब शर्त को हटवा कर किसानों को राहत दिलाई जाएगी। भाजपा सरकार ने इतनी कठोर शर्ते थोंप दी हैं, जो किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। धान खरीद में प्रदेश में पांच हजार करोड़ का घोटाला किया। फर्जी तौर पर गेट पास काटे गए, न मंडी में धान आया, फर्जी वाहनों की एंट्री दिखाई गई। इसमें सीधा सरकार के लोग शामिल रहे। करनाल में 25 के करीब अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया। यमुनानगर में भी कुछ अधिकारियों को पकड़ा गया, करनाल डीसी कार्यालय से धान घोटाले की फाइल गायब कर दी।
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