लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में संसद के हालिया घटनाक्रम को लेकर विपक्ष, खासकर इंडी गठबंधन, पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संसद में जिस प्रकार का आचरण विपक्षी दलों द्वारा किया गया, वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने रविवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभाली थी, तब उन्होंने देश को चार प्रमुख वर्गों-नारी, गरीब, युवा और किसान-के रूप में देखने की बात कही थी।
योगी ने कहा कि यही दृष्टिकोण आज भी केंद्र सरकार की नीतियों का आधार है, लेकिन विपक्ष लगातार इन “प्रोग्रेसिव” कदमों का विरोध करता रहा है। उन्होने बताया कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रति देश की आधी आबादी में उत्साह है, लेकिन संसद में विपक्ष के व्यवहार को लेकर महिलाओं में भारी आक्रोश भी है।
.@BJP4UP मुख्यालय, लखनऊ में पत्रकार बंधुओं से वार्ता… https://t.co/6iPCa0MOZq
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 19, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके और अन्य सहयोगी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को बाधित करने का प्रयास किया। योगी ने कहा कि यदि सभी दल सहमति से इसे पारित करते, तो यह पूरे सदन की उपलब्धि होती। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में पारित इस अधिनियम को लेकर विभिन्न महिला संगठनों ने मांग की थी कि इसे 2034 के बजाय 2029 से लागू किया जाए। इस पर केंद्र सरकार ने संशोधन लाने का निर्णय लिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा और विधानसभा की सीटों में वृद्धि की जाएगी, जिससे किसी राज्य या वर्ग का अधिकार प्रभावित नहीं होगा। योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए शाह बानो केस का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि जब मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो विपक्ष का इतिहास उनके खिलाफ रहा है। वहीं, केंद्र सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा पर रोक लगाकर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष संविधान और बी आर अंबेडकर के नाम का उल्लेख करता है, लेकिन उनका आचरण उनके सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग को भी इसी संदर्भ में सवालों के घेरे में रखा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, मातृ वंदना योजना और टीकाकरण अभियान जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देना है, और नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
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