
सोनीपत। वर्ष 2021 के चर्चित कुंडली बॉर्डर लखबीर हत्या मामले में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चार निहंग आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
फैसले के बाद गन्नौर में समर्थकों ने सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत सिंह और नारायण सिंह का स्वागत किया। जीटी रोड स्थित गन्नौर डेवलपर कार्यालय में किसान नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी में शनिवार को कार्यक्रम हुआ। नारायण सिंह ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था और अदालत के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने आंदोलन के दौरान मिले समर्थन के लिए किसानों का धन्यवाद दिया।
आरोपियों ने अपने केस की निशुल्क पैरवी करने वाले अधिवक्ता अक्षय त्यागी की सराहना करते हुए उन्हें किसान का बेटा बताया। इस मौके पर किसान विपिन त्यागी, गौरव त्यागी, राजबीर शेखपुरा, विजय मालपुर, कुलदीप सहरावत और बलवान समेत कई लोग मौजूद रहे। मामला पंद्रह अक्तूबर 2021 का है। कुंडली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन स्थल के पास पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के संदेह में निहंगों ने वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत सिंह और नारायण सिंह ने आत्मसमर्पण किया था। जांच के दौरान निहंग जत्थेदार अमन सिंह का नाम भी सामने आया, लेकिन गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। उससे जुड़ा मामला अभी अलग से अदालत में विचाराधीन है। शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया था।
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